गन्ना पूजा
"गन्ना पूजा" छन्न पकैया छन्न पकैया , बाजारों में जाते। लम्बी लम्बी मोटी मोटी , मिलकर गन्ने लाते।। छन्न पकैया छन्न पकैया , भीड़ लगी है भारी। बाजारों में जाकर देखो , दिखती दुनिया सारी।। छन्न पकैया छन्न पकैया , एकादशी मनाते। सभी बनाते मिलकर मण्डप , तुलसी ब्याह रचाते।। छन्न पकैया छन्न पकैया , दीपक सभी जलाते। नये नये पकवान बनाकर , खुशी खुशी सब खाते।। छन्न पकैया छन्न पकैया , मिलकर गन्ने खाते। झूम रहें हैं सारे बच्चे , घर घर खुशियाँ लाते।। छन्न पकैया छन्न पकैया , श्रद्धा सुमन चढ़ाते। मिट जाये सब संकट सारे , आशीर्वाद बढ़ाते।। रचनाकार प्रिया देवांगन "प्रियू" पंडरिया जिला - कबीरधाम छत्तीसगढ़ Priya Dewangan Priyu