दीपक
दीपक (छन्न पकैया)
छन्न पकैया छन्न पकैया , आओ दीप जलाये।
जगमग हो जायेगा सारा , मिलकर द्वार सजाये।।
छन्न पकैया छन्न पकैया , सबको रौशन करती।
दूर हटाती अंधकार को , नही किसी से डरती।।
छन्न पकैया छन्न पकैया , प्रभु चरणों में रहती।
खुद जलकर रौशन है करती , कभी नही कुछ कहती।।
छन्न पकैया छन्न पकैया , मिलकर खुशी मनायें।
मिट्टी की दीपक से हम सब , मिलकर सभी सजायें।।
छन्न पकैया छन्न पकैया , जीवन ज्योति जलाओ।
नेक कार्य कर आगे आओ , कभी नही घबराओ।।
प्रिया देवांगन "प्रियू"
पंडरिया
छत्तीसगढ़
Priya Dewangan Priyu

Atyant sunder
ReplyDeleteThank you sir
Deleteबहुत अच्छा
ReplyDeleteशानदार।
ReplyDeleteधन्यवाद सर जी🙏🏼
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