नवरात्रि
"नवरात्रि" (कुण्डलियाँ) सजता सुंदर द्वार है , स्वागत करते लोग। माता रानी आत है , सभी लगाते भोग।। सभी लगाते भोग , भक्त जन करते सेवा। लेते आशीर्वाद , सभी पाते हैं मेवा।। सभी जलाते दीप , द्वार सुंदर है लगता । आती माता रोज , घरों में दीपक सजता।। आई सबके द्वार में , माता रानी आज। शीश झुकाते लोग हैं , बनते बिगड़े काज।। बनते बिगड़े काज , कामना पूरा करती। खुश होते हैं लोग , खुशी जीवन मेंभरती।। दीप जलाते लोग , दिलों में खुशियाँ छाई। सभी भक्त के साथ , द्वार में माता आई।। "माटी पुत्री"- प्रिया देवांगन "प्रियू" पंडरिया जिला - कबीरधाम छत्तीसगढ़ Priya Dewangan priyu