Popular posts from this blog
बाढ़
"बाढ़" ****** प्रकृति का यही नियम है कि हर साल सभी जगहों पर बारिश होता है।हर साल कही न कही बाढ़ जैसे समस्या उत्पन्न होती है। हर साल सुनने को मिलता है कि किसी का घर बाढ़ आने से बह गया। कही किसी के बच्चें बाढ़ आने से अपने - अपने माँ - बाप , भाई- बहन से बिछुड़ गए। अक्सर यही सब सुनने को मिलता है । मछुवारें लोग ज्यादा से ज्यादा नदी या समुद्र के किनारे घर या छोटी सी झोपड़ी बना के रहते हैं । तेज बारिश होने के कारण समुद्र में उफान आने के कारण बाढ़ में लोग बह जाते हैं। बारिश होने का इंतजार सभी लोग करते हैं।लेकिन जरूरत से ज्यादा बारिश हर लोगो को चिंताग्रस्त कर देता है। (मैं एक छोटी सी कहानी अपने लेख के द्वारा आप सभी को बताना चाहती हूँ) जब से सावन लगा था तब से पानी का गिरना बंद हो गया था। मैं और मेरे पिता जी अक्सर कहा करते थे कि ये तो सावन नही गर्मी का दिन लग रहा है । बहुत ही धूप और गर्मी रहता था। सावन में कभी कभी हल्का हल्का ही बारिश होता था। सावन खत्म होने के बाद अगस्त के महीने की शुरुआत हुई । अच्छा खासा सभी का दिन निकल रहा था। कभी हल्की हल्की बारिश की फुहार तो कभी ठंडी ठंडी हवा तो कभी सौ...
पितृ पक्ष
*रोला* *पितृ पक्ष* करते पूजा पाठ, पितर की करते सेवा। मन में श्रद्धा भाव, और खाते सब मेवा।। करते अर्पण नीर, देव को सभी मनातें। चाँवल जौ को साथ, हाथ लेकर सब जातें।। करतें पितृ को याद, साल में सब है आते। होते भगवन रूप, सभी अपने घर जाते।। छत के ऊपर बैठ, काग को भोग खिलातें। है पितरों का रूप, यहाँ हम सभी मनातें।। पुरखों को दो मान, नियम उनकी अपनाओ। मिलता है जी लाभ, हानि से नहिँ घबराओ।। देते आशीर्वाद, खुशी जीवन में आते। बच्चें बूढ़े साथ, सदा यूँ साथ निभाते।। प्रिया देवांगन *प्रियू* छत्तीसगढ़ Priya Dewangan "priyu"
























Comments
Post a Comment