करवाचौथ

 




चौपाई

(करवाचौथ)


करवा निर्जल व्रत है करती।

भूख प्यास को वह है हरती।।

रात चाँद की दर्शन करती।

जीवन के सुख दुख को हरती।।


सज धज नारी पूजा करती।

प्यार पिया के हिय में भरती।।

कानों में पहने सब बाली।

माँगो में सजती है लाली।।


रहे दीर्घ जीवी पति देवा।

नित्य करूँ माँ  प्रभु की सेवा।।

चरण स्पर्श आशीषें पाती।

जीवन में खुशियाँ है लाती।।


साजन सजनी लगते प्यारे।

आँगन उतरे चाँद सितारे।।

शिव गौरी को भोग लगाते।

पकवानों से थाल सजाते।।


शिव गौरी को नीर चढ़ाये।

पति सँग पावन प्रीत बढ़ाये।।

जनम जनम का साथ निभाये।

घर आँगन में खुशियाँ लाये।।


प्रिया देवांगन "प्रियू"

पंडरिया

जिला - कबीरधाम 

छत्तीसगढ़

Priya Dewangan Priyu


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