नवरात्रि

 



"नवरात्रि"

(कुण्डलियाँ)


सजता सुंदर द्वार है , स्वागत करते लोग।

माता रानी आत है , सभी लगाते भोग।।

सभी लगाते भोग , भक्त जन करते सेवा।

लेते आशीर्वाद , सभी पाते हैं मेवा।।

सभी जलाते दीप , द्वार सुंदर  है लगता ।

आती माता रोज , घरों में दीपक सजता।। 


आई सबके द्वार में , माता रानी आज।

शीश झुकाते लोग हैं , बनते बिगड़े काज।।

बनते बिगड़े काज , कामना पूरा करती।

खुश होते हैं लोग ,  खुशी जीवन मेंभरती।।

दीप जलाते लोग , दिलों में खुशियाँ छाई।

सभी भक्त के साथ , द्वार में माता आई।।


"माटी पुत्री"- प्रिया देवांगन "प्रियू"

पंडरिया

जिला - कबीरधाम

छत्तीसगढ़

Priya Dewangan priyu









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