बिल्ली रानी



बिल्ली रानी
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दबे पाँव से आती बिल्ली  ,
दूध मलाई खाती है ।
दरवाजे पर आ कर के ,
म्याऊँ म्याऊँ चिल्लाती है।।

तांका झांकी करती बिल्ली ,
बच्चों को डराती है।
देख चूहे को बिल्ली रानी ,
उसको बहुत दौड़ाती है।।

चुन्नू मुन्नू संग खेला करती ,
बच्चों को साथ लाती है।
कही दिखे दूध रोटी तो ,
झट से दौड़ लगाती है।।

भूरी भूरी आँखे इसकी ,
पूँछ बहुत हिलाती है।
कही मिले दूध मलाई ,
बड़े मजे से खाती है।।

बहुत शरारत करती बिल्ली ,
खंभे पर चढ़ जाती है ।
नही मिले अगर खाना तो ,
आँखे अपनी दिखाती है।।

काली भूरी कबरी बिल्ली ,
घर घर दौड़ लगाती है ।
बंदर राजा को देख कर ,
झट से वह छुप जाती है।।

प्रिया देवांगन "प्रियू"
पंडरिया
छत्तीसगढ़
Priyadewanganpriyu







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