आया नया सवेरा
आया नया सवेरा
दोहा
नया सवेरा आ गया , सबको करुं प्रणाम।
आओ मिलजुल कर करें , पूरा हो सब काम।।
फूल खिले हैं बाग में , भौरें भी मँडराय ।
नया सबेरा छा गया , पंछी गाना गाय।।
निकला सूरज भोर में , सारा जग चमकाय।
नदियाँ कल कल बह रही , झरनें भी लहराय।।
धरती माता हँस रही , पत्ते शोर मचाय।
तितली रानी उड़ रही , बागों पर इठलाय।।
कोयल कूके पेड़ में , मीठी गीत सुनाय।
ताजा ताजा फल लगे , सारे मिलकर खाय।।
प्रिया देवांगन "प्रियू"
पंडरिया
छत्तीसगढ़
बहुत बढ़िया रचना
ReplyDeleteबधाई हो
बहुत सुंदर
ReplyDeleteNice yar 👌👌bahut achha likha hai 😊
ReplyDeleteThank you
DeleteVery nice ..👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteThank you
DeleteVery nice
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